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राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day)

 राष्ट्रीय बालिका दिवस||National Girl Child Day||24 january

भारत की यह एक बहुत ही बड़ी विडंबना है कि यहां हम बालिकाओं का तो कन्या-पूजन जैसे धार्मिक अवसरों पर पूजन करते हैं लेकिन जब खुद के घर बालिका जन्म लेती है तो माहौल  मातम सा बना लेते हैं
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यह भूल जाते हैं कि वह उस देश के वासी हैं जहां देवी दुर्गा को कन्या रूप में पूजने की प्रथा है, वह भूल जाते हैं कि वह उस देश के नागरिक हैं जहां रानी लक्ष्मीबाई जैसी विरांगनाओं ने समाज के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, इतना ही नहीं आज की बालिका जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रही है चाहे वो क्षेत्र खेल हो या राजनीति, घर हो या उद्योग। एशियन खेलों के गोल्ड मैडल जीतना हो या राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के पद पर आसीन होकर देश सेवा करने का काम हो।
लेकिन इसके उपरान्त आज भी वह अनेक कुरीतियों की शिकार हैं। ये कुरीतियां उसके आगे बढ़ने में बाधाएं उत्पन्न करती हैं। पढ़े-लिखे लोग और जागरूक समाज भी इस समस्या से अछूता नहीं है।
भारत में अगर लिंग अनुपात देखा जाए तो बेहद निराशाजनक है. 2011 में हुई जनगणना के हिसाब से भारत में 1000 पुरुषों पर 940 है. यह आंकड़े राष्ट्रीय स्तर पर औसतन हैं.

महिला और बाल विकास मंत्रालय और भारत सरकार द्वारा भारतीय समाज में लड़कियों के सामने आने वाली असमानताओं के बारे में जन जागरूकता फैलाने के लिए 2008 से प्रतिवर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस (National girl child day) मनाने का निर्णय लिया गया। 24 जनवरी का दिन इसलिए चुना गया क्योंकि इसी दिन साल 1966 में इंदिरा गांधी ने भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में कर्यभाल संभाला था। 
प्रमुख उद्देश्य:
*देश में लड़कियों द्वारा सामना की जाने वाली सभी असमानताओं के बारे में लोगों में जागरूकता फैलाना।
*बालिकाओं के अधिकारों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना।
*बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के महत्व पर जागरूकता बढ़ाना।
खुदा की नेमत है बेटियां(कविता)...…
बहुत चंचल बहुत ख़ुशनुमा-सी होती हैं बेटियां
नाज़ुक-सा दिल रखती हैं, मासूम-सी होती हैं बेटियां
बात-बात पर रोती हैं, नादान-सी होती हैं बेटियां
रहमत से भरभूर खुदा की नेमत हैं बेटियां
हर घर महक उठता है, जहां मुस्कुराती हैं बेटिया
अजीब-सी तकलीफ़ होती है, जब दूर जाती हैं बेटियां
घर लगता है सूना-सूना पल-पल याद आती हैं बेटियां
ख़ुशी की झलक और हर बाबुल की लाड़ली होती हैं बेटियां

राष्ट्रीय बालिका दिवस पर 15 प्रश्नों की एक प्रश्नोत्तरी आयोजित की जा रही है। यह प्रश्न विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान को बढ़ाने में में सहायक सिद्ध होंगी।
       तो आइये इस प्रश्नोत्तरी के माध्यम से जानते हैं राष्ट्रीय बालिका दिवस के बारे में महत्‍वपूर्ण जानकारी -
मुझे उम्मीद है कि आपको यह क्विज़  अच्छा लगा होगा और आपने राष्ट्रीय बालिका दिवस के बारे में कुछ नई बातें सीखी होंगी। इस प्रश्नोत्तरी को अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर साझा करें और पता करें कि वे वास्तव में राष्ट्रीय बालिका दिवस के बारे में कितना जानते हैं?