30 जनवरी महात्मा गांधी पुण्यतिथि | शहीद दिवस | Martyrs Day 2023 | shaheed Diwas
आज ही का दिन पूरे भारतवासियों के लिए दु:खद व दुर्भाग्य दिन था, जब देश को हमेशा सत्य, अहिंसा और शांति का पाठ पढ़ाने वाले महापुरुष महात्मा गांधी की हत्या नाथूराम गोडसे ने हिंसक रूप से 30 जनवरी 1948 को गोली मारकर कर दी थी।
30 जनवरी 1948 की शाम करीब 5.17 बजे महात्मा गांधी दिल्ली के बिड़ला भवनमें शाम की प्रार्थना के लिए जा रहे थे, तभी नाथूराम गोडसे ने पहले उनके पैर छुए, फिर अपनी सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल से एक-एक कर तीन गोलियां उनके सीने में दाग दी.तब से, महात्मा गाँधी को श्रद्धंजलि देने के लिये हर वर्ष 30 जनवरी को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।
उन्होंने हमेंशा अपने विचारों पर पहले खुद अमल किया और फिर पूरी दुनिया को सिखाया। गांधी जी सभी धर्मों को एक जैसा मानते थे। उनको सम्मान देने के लिए सभी धर्म के लोग प्रार्थना करते हैं।
23 मार्च से क्यों अलग है यह शहीद दिवस ?
अक्सर लोगों के मन में ये विचार आ रहा है कि आखिर 23 मार्च को भी तो शहीद दिवस मनाया जाता है और वह 30 जनवरी से आखिर कैसे अलग हैं। तो आपको बता कि 30 जनवरी को महात्मा गांधी की हत्या हुई थी, वहीं 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई थी, इसलिए इन अमर शहीदों की याद में 23 मार्च को भी शहीद दिवस मनाया जाता है।
शहीद दिवस पर 20 प्रश्नों की एक प्रश्नोत्तरी आयोजित की जा रही है। यह प्रश्न विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान को बढ़ाने में एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा में सहायक सिद्ध होंगी।
मुझे उम्मीद है कि आपको यह क्विज़ अच्छा लगा होगा और आपने शहीद दिवस के बारे में कुछ नई बातें सीखी होंगी। इस प्रश्नोत्तरी को अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर साझा करें और पता करें कि वे वास्तव में शहीद दिवस के बारे में कितना जानते हैं?
