International Womens Day | विश्व महिला दिवस |
इतिहास के पन्नों को पलटकर देखा जाए तो लगभग हर देश में महिलाओं ने अपने हक़ और सम्मान के लिए संघर्षपूर्ण लड़ाई लड़ी है। उनकी यह लड़ाई अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए हमेशा प्रेरित करती है। विश्व महिला दिवस के दिन ख़ास महिलायों को समर्पित है। कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि आखिर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस क्यों मनाया जाता है, यह पहली बार कब मनाया गया। आइए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से जुड़ी ख़ास बातें और महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में जानते हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के लिहाज से अहम हैं। साथ ही अगर आप महिला दिवस पर निबंध लिखने के लिए भी इन तथ्यों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पूरे विश्व में 8 मार्च को मनाया जाता है। इस दिन महिलाओं के सम्मान में भिन्न-भिन्न स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन होता है। हर वर्ष एक अलग थीम के साथ विश्व महिला दिवस मनाया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पहली बार कब मनाया गया?
वर्ष 1975 में इसे यूएन द्वारा आधिकारिक मान्यता दे दी गई थी। इसके बाद धीरे-धीरे सभी देशों ने 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में स्वीकार कर लिया। सबसे पहले 1990 में इसे एक थीम के साथ सेलेब्रेट किया गया। महिला दिवस की पहली थीम ‘सेलीब्रेटिंग द पास्ट, प्लानिंग फॉर द फ्यूचर’ थी, तभी से हर वर्ष इसके लिए नई थीम निर्धारित की जाती है। यूएन के द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम निर्धारित की जाती हैं।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास
वर्ष 1908 में गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाली महिलाओं 15 हजार महिलाओं ने न्यूयॉर्क शहर में नौकरी में कम घंटों और वेतन पुरुषों के बराबर करने की मांग को लेकर मार्च निकाला था। जिसके बाद वर्ष 1909 में सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमेरिका ने पहली बार पूरे देश में 28 फरवरी को महिला दिवस मनाया था। इसके बाद कोपेनहेगन में क्लारा जेटकिन ने कामकाज करने वाली महिलाओं का नेतृत्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस सेलेब्रेट करने का सुजह्व दिया। उन्हें इसका समर्थन मिला और कोपेनहेगन में महिला दिवस की स्थापना हुई।
धीरे-धीरे विश्व के अलग हिस्सों में महिलाओं ने अपने हक़ और भेदभाव को लेकर रैलियां निकली और आन्दोलन किये। वर्ष 1911 में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विटजरलैंड में लाखों महिलाओं ने नौकरी में भेदभाव खत्म करने और समान अधिकार देने की मांग के लिए रैली निकाली थी। जिसके बाद इन देशों ने पहली बार 19 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को मान्यता दी। पहले विश्व युद्ध के दौरान शांति स्थपित करने के लिए रूस की महिलाओं ने फ़रवरी महीने एक अंतिम रविवार को महिला दिवस मनाया था।
8 मार्च को महिला दिवस मनाने का प्रमुख कारण:
वर्ष 1917 में रूस की लाखों महिलाओं द्वारा हड़ताल की गई और मार्च निकाला गया। जिसके बाद महिलाओं को मतदान का अधिकार दे दिया गया साथ ही रूस में हुई इस घटना की वजह से वहां के सम्राट निकोलस द्वितीय को अपना पद त्यागना पड़ा था। 23 फरवरी को महिलाओं ने इस बड़े मार्च की शुरुआत की थी, जिसे वजह से इस को यहां की महिलाओं ने महिला दिवस के रूप में मनाना शुरू किया। उस समय जूलियन कैलेंडर का इस्तेमाल किया जाता था, ग्रेगेरियन कैलेंडर में यह दिन 8 मार्च था, जिस वजह से यूएन द्वारा 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की मान्यता दी गई।
अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर 20 प्रश्नों की एक प्रश्नोत्तरी आयोजित की जा रही है। यह प्रश्न विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान को बढ़ाने में एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा में सहायक सिद्ध होंगी।
आशा करते हैं आप सभी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2022 को अच्छी तरह से मनाएंगे और एक बार फिर हमारे देश के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक सी वी रमन जी को जरूर याद करेंगे ।आपको हमारे द्वारा National Science Day पर दी गयी जानकारी कैसी लगी अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर व्यक्त करें।
